यस मैडम जी!
सुबह की हल्की ठंडी हवा में जब बस स्टैंड के पास धूल धीरे-धीरे उठती थी और चाय की केतली से उठती भाप में अदरक की खुशबू घुलकर जैसे किसी पुराने…
0 Comments
April 29, 2026
सुबह की हल्की ठंडी हवा में जब बस स्टैंड के पास धूल धीरे-धीरे उठती थी और चाय की केतली से उठती भाप में अदरक की खुशबू घुलकर जैसे किसी पुराने…
एक छोटे से मोहल्ले में आरव और विवान दो दोस्त रहते थे। दोनों की उम्र लगभग बराबर थी, स्कूल भी एक ही था और क्लास भी। लोग उन्हें “जुड़वां” कहकर…
नमस्कार, मैं हूँ वानखेड़े का स्कोरबोर्ड।आप मुझे हर कुछ पलों में देखते हैं, पर शायद ही कभी सोचते हैं कि मैं भी कितनी कहानियाँ अपने भीतर सँभाले खड़ा हूँ, धूप,…
दो साल की कड़ी मेहनत के बाद आज वो दिन था, रिज़ल्ट का दिन और राजेश की उम्मीदों का दिन। घर में अजीब सी खामोशी थी। सबकी नज़रें उस लैपटॉप…