हिंदी: केवल भाषा नहीं, एक भावनात्मक अभिव्यक्ति

हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि एक ऐसी भावना है जो हमारे अस्तित्व को संतुष्टि और शांति प्रदान करती है। आज की तेज़-रफ़्तार और तकनीकी प्रगति के युग में, क्या…

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सन्नाटे में शोर – कविता

आज आज़ादी के उत्सव पर मन प्रश्नों में डूबा था। जहां एक ओर हम डिजिटल इंडिया और आर्थिक स्थिरता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं पर हो…

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प्रकृति – प्रेरणा का स्त्रोत

प्रकृति को किसी एक तरह से परिभाषित नहीं किया जा सकता। पानी की गहराई और ऊंचाई, पशु-पक्षियों में विचित्रता, गन्ने में मिठास और नीम में कड़वापन यह सबकुछ प्रकृति के…

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शिव कौन हैं? शिव का अर्थ क्या है?

न पुण्यं न पापं न सौख्यं न दु:खं न मन्त्रो न तीर्थं न वेदो न यज्ञः |अहं भोजनं नैव भोज्यं न भोक्ता चिदानन्द रूप: शिवोऽहं शिवोऽहम् || अर्थात: न मैं…

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