काजल की डिबिया: स्वतंत्रता दिवस की प्रेरक कहानी

14 अगस्त 1949 की शाम थी। गाँव में एक अलग-सी हलचल थी। अगले दिन भारत का दूसरा स्वतंत्रता दिवस मनाया जाना था। स्कूल में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियाँ…

0 Comments

अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस – आधी प्याली चाय – कहानी

खिड़की के पास बैठी ललिता की आंखों में हल्की सी चमक थी। सामने प्याली में बची आधी चाय से उठती हल्की भाप में जैसे कोई पुरानी याद घुल रही थी।…

1 Comment

शिव की आराधना कैसे करें

समय को बाँधता मैं हूँ,अहंकार का नाश मैं हूँ,सृष्टि की रचना मैं हूँ,जीवन का संचार मैं हूँ। काल का काल मैं हूँ,शून्य का सार मैं हूँ,निराकार मैं हूँ,अनंत में मैं…

0 Comments