हल्की फुल्की बातें

शहर के पुराने बाज़ार में हल्की-हल्की चहल-पहल थी। सब्ज़ियों की खुशबू, दुकानदारों की आवाज़ें और बीच-बीच में मोलभाव की मीठी तकरार, सब मिलकर एक परिचित-सा संगीत रच रहे थे। इसी…

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गुजिया – रिश्तों की मिठास

रिश्तों में समय रहते बातें पूरी करना, अपने मन की बात कहना और भावनाओं को सहेजना ज़रूरी होता है। कुछ चीज़ें सुधारी जा सकती हैं, लेकिन हर बार नहीं। इसलिए…

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फ़र्रे ज़िंदगी के

जीवन में नकारात्मक भावनाओं (डर, दुख, पछतावा) को छोड़ देना चाहिए, लेकिन सपनों और उम्मीदों को हमेशा संभालकर रखना चाहिए, क्योंकि वही हमें आगे बढ़ने की ताकत देते हैं। गाँव…

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एक खिलौना…

किसी भी वस्तु की असली कीमत उसके नएपन, चमक या महंगे होने में नहीं, बल्कि उस प्यार, अपनापन और भावनाओं में होती है जो हम उससे जोड़ते हैं। कृतज्ञता और…

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