टोमैटो भात

कावेरी के किनारे बसा गाँव कुम्भकोणम हर सुबह जैसे मुस्कुराकर उठता था। नारियल के पेड़ों के बीच से छनकर आती धूप, धान के खेतों में झुकती हवा, और दूर मारीअम्मन…

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रोडमल का रौब

गाँव की धूल भरी पगडंडियों, कच्चे घरों की कतारों और शाम ढलते ही लौटते मवेशियों के बीच एक नाम बहुत ही मशहूर था, रोडमल। उसका चलना भी ऐसा था मानो…

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