मन्नू की टोपी

मकान नं. 14/230 के बाहर आज कुछ ज़्यादा ही चहल-पहल थी। ऐसा लग रहा था जैसे मोहल्ले का वाई-फाई यहीं से फ्री में मिल रहा हो, हर कोई जुड़ा हुआ,…

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लाल आम, पीला तरबूज़

गरीबी और संघर्ष के बीच पला-बढ़ा छोटा किरण अपनी मासूमियत और संतोष से जीवन की बड़ी सच्चाई सिखाता है। एक नई किताब, एक चॉकलेट और मां का प्यार—इन्हीं छोटी खुशियों में छिपा है असली सुख और सकारात्मक जीवन का संदेश।

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कहानी पगडंडी की

गाँव में पगडंडी से डामर की सड़क तक के बदलाव की कहानी, जो विकास और पुरानी यादों के बीच छिपे जीवन के गहरे सवालों को उजागर करती है।

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जाने भी दो यारों…

बारिश भरी एक शाम में दो पुराने दोस्तों के बीच अधूरी बातों, रिश्तों की उलझनों और “जाने भी दो यारों” के असली मतलब की खोज—एक ऐसी कहानी, जहाँ सुकून, इंतज़ार और अनकहे जज़्बात साथ चलते हैं।

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