बाल श्रम निषेध दिवस – कविता

जहाँ होनी थी बेफिक्री सी जिंदगी,वहाँ ठानी कमाने अनमोल रोटी। जहाँ एक एक पल बिताना था खेल में,वहाँ झोंक दिया बचपन काम की व्यस्तता में। जिन हाथों में कलम थी…

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जीवन की सीख़ – प्रेरणादायक कविता

प्रकृति हमें क्या कुछ नहीं सिखाती। एक नन्ही सी चिड़िया भी हमें जीवन की अनमोल बातें सिखाती है। तो आईये जानें क्या करती है यह नन्ही नभचर और जीवन के…

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कालू की अंतरात्मा

अच्छी बुरी परिस्थितियाँ जीवन के चक्र को पूर्ण करती हैं और हमें बहुत सारी सीख़ दे जाती हैं। कई बार ऐसा होता है कि हम गलत रास्ते की ओर आकर्षित…

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कुछ शब्द…..बस, कुछ शब्द

शब्दों की दुनिया बहुत विचित्र है, बहुत बड़ी भी है। अगर हम एक क्षण के लिए भी सोचें कि अगर शब्द नहीं होते तो क्या होता? तो आप कहेंगे कि…

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