ज़ेरॉक्स की ज़िंदगी

एक छोटे से मोहल्ले में आरव और विवान दो दोस्त रहते थे। दोनों की उम्र लगभग बराबर थी, स्कूल भी एक ही था और क्लास भी। लोग उन्हें “जुड़वां” कहकर…

0 Comments

टोमैटो भात

कावेरी के किनारे बसा गाँव कुम्भकोणम हर सुबह जैसे मुस्कुराकर उठता था। नारियल के पेड़ों के बीच से छनकर आती धूप, धान के खेतों में झुकती हवा, और दूर मारीअम्मन…

1 Comment

रोडमल का रौब

गाँव की धूल भरी पगडंडियों, कच्चे घरों की कतारों और शाम ढलते ही लौटते मवेशियों के बीच एक नाम बहुत ही मशहूर था, रोडमल। उसका चलना भी ऐसा था मानो…

0 Comments

पलटू राम

धर्मपुर गाँव में गौरव को उसके असली नाम से लगभग कोई भी नहीं बुलाता था; अगर आप यह सोच रहे हैं कि लोग उसे इस वजह से ज्यादा इज्जत देते…

0 Comments