कहानी पगडंडी की

गाँव में पगडंडी से डामर की सड़क तक के बदलाव की कहानी, जो विकास और पुरानी यादों के बीच छिपे जीवन के गहरे सवालों को उजागर करती है।

5 Comments

जाने भी दो यारों…

बारिश भरी एक शाम में दो पुराने दोस्तों के बीच अधूरी बातों, रिश्तों की उलझनों और “जाने भी दो यारों” के असली मतलब की खोज—एक ऐसी कहानी, जहाँ सुकून, इंतज़ार और अनकहे जज़्बात साथ चलते हैं।

1 Comment

इनाम का चस्का

बरगद के पुराने पेड़ पर हर सुबह चहचहाहट का एक मेला लगता था। चिड़ियों का झुंड पास के खेतों से दाने चुगकर लौटता, और फिर दिन भर अपने-अपने काम में…

0 Comments

हल्की फुल्की बातें

शहर के पुराने बाज़ार में हल्की-हल्की चहल-पहल थी। सब्ज़ियों की खुशबू, दुकानदारों की आवाज़ें और बीच-बीच में मोलभाव की मीठी तकरार, सब मिलकर एक परिचित-सा संगीत रच रहे थे। इसी…

0 Comments