फादर्स डे कविता – बाबा का गमछा
पिता — एक ऐसा शब्द जिसमें पूरे जीवन की मजबूत नींव समाई होती है। उनके साये में हम ना जाने कब बड़े हो जाते हैं, लेकिन उनके छोटे-छोटे संकेत, उनकी…
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June 15, 2025
पिता — एक ऐसा शब्द जिसमें पूरे जीवन की मजबूत नींव समाई होती है। उनके साये में हम ना जाने कब बड़े हो जाते हैं, लेकिन उनके छोटे-छोटे संकेत, उनकी…
समय को बाँधता मैं हूँ,अहंकार का नाश मैं हूँ,सृष्टि की रचना मैं हूँ,जीवन का संचार मैं हूँ। काल का काल मैं हूँ,शून्य का सार मैं हूँ,निराकार मैं हूँ,अनंत में मैं…
बसंत पंचमी का त्यौहार भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व सर्दी के मौसम के समाप्त होने और गर्मी की शुरुआत का प्रतीक है। साथ ही, यह…
आज आज़ादी के उत्सव पर मन प्रश्नों में डूबा था। जहां एक ओर हम डिजिटल इंडिया और आर्थिक स्थिरता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं पर हो…